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Wednesday, 20 January 2016

गोचरीय वक्री गुरु तथा वक्रत्व स्वभाव

8 जनवरी की शाम 7 बजे गुरुदेव वक्री हो गए हैं.और 9 मई को मार्गी होंगें.
अगर देखा जाए तो वक्रत्व में गुरु को कोई फर्क नहीं पड़ता है बल्कि इनके शुभत्व में बढ़ोत्तरी होती है.हाँ...यदि कुण्डली में अशुभ है तो अशुभता बढ़ेगी.इसमें कोई संशय नहीं है..जैसेकि मान लो कि आजकल गुरु सिंह में है और मीन लग्न है तो मीन लग्न का व्यक्ति रोगादि व खर्च तथा कर्ज से पीड़ित होगा.कुटुम्ब की किसी बात को लेकर ( खासकर सन्तान,)से चिन्तिति रहेगा.
गुरु का वक्र्तत्व कभी कभी फलित में देरी भी करता देखागया है.
लेकिन इसके स्वभाव में बदलाव के साथ साथ अपने स्वभाव को सामान्य ही रखते हैं,
यदि वर्तमान में देखा जाए तो इस समय 1-6-9 राशि के लिए गुरु शुभ हैं क्यूंकि वर्तमान में गुरुदेव का पैर ताम्बे में है...
2-7-11 राशिवालों के लिए गुरुदेव भी बहुत अच्छे हैं क्यूंकि इस राशी से उनका पाँव चांदी में है.
3-5-10 राशि सेसम्बन्धित लोंगों के लिए काम-धंधे के लिए तो शुभ है लेकिन परिवार में तथामान-सम्मान के लिए थोडा कष्टदायी समय है साथ ही बेकार में इधर-उधर घुमने से कोई लाभ नहीं होने वाला है.
जबकि 4-8-12 राशि के लोंगों के लिए 8 महीने तनाव के होंगें.मान-सम्मान व आर्थिक तथा समाजिक और पारिवारिक तनाव तथा परेशानी रहेगी..

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