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Wednesday, 20 January 2016

कर्क लग्न में गोचरीय सिंघम राहू

यदि लग्न से गोचरीय स्तिथि में राहू को देंखें तो कर्कीय व्यक्ति किसी ख़ास से सम्बन्ध बनाकर
नयी उर्जा व प्रेरणा से प्रेरित होकर आगे बढ़ेगा.व्यापारिक लेन-देन व साझेदादरी में लाभ व संतोष जनक परिणाम को देखेगा.
छूटे हुए पुराने काम को पूरा करने केलिए भी यह समय अच्छा है
कोई नया विचार व सुझबुझ मन में आये तो तुरंत उसे अमल में लाये और सफलता से आगे बढे.
सिंह सूर्य है और वो आपके कुटुम्ब के घर में तथा पिता के कारक भाव से छठे है इस कारण कुटुम्ब व सुखों में कमी व हानि का संकेत भी है..इसलिए कर्कीय व्यक्ति को सूर्य को रोज जल देना चाहिए.
साथ ही केतु भी अष्टम में हैजिसके कारण दिनचर्या में कठिनायाइयों का भी सामना होगा.पेट के निचले हिस्से में अज्ञात बिमारी का भी खतरा है.
ध्यान....दें....यह कथन कर्क लग्न से है....चन्द्र से परिणामों में कुछ बदलाव भी सम्भव है
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उपाय....घर से निकलने से पहले सफ़ेद चंदन ललाट में लगाकर निकलें..रविवार को मीठी रोटी काले कुत्ते को खिलाएं...

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